आरटीए का खेल, ओवरलोड रोकने में प्रशासन फेल

सत्यखबर, रेवाड़ी (संजय कौशिक) – अब इसे सरकार की नाकामी कहें या फिर प्रशासन की मिलीभगत। आरटीए के लगातार दावों के बावजूद ओवरलोड डंपरों का खेल बदस्तूर जारी है और हो भी क्यों नहीं, सडक़ों पर यमदूत बनकर कहर बरपा रहे इन डंपरों को निकलवाने में अब दलाल जो बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि यह सब ट्रैफिक पुलिस की महिला सब इंस्पैक्टर चीख-चीखकर कह रही है। पिछले दो दिनों में इस सब इंस्पैक्टर ने अपना डंडा घुमाते हुए 20 ओवरलोड डंपरों पर कार्यवाही कर दलालों के हौंसले पस्त कर दिए हैं।

दरअसल हम बात कर रहे हैं रेवाड़ी जिला मुख्यालय की, जहां नारनौल रोड पर पुलिस थाने से महज कुछ दूरी पर दिनभर इन ओवरलोड वाहनों की कतारें लगती हैं और शाम ढलते ही ये शहर की सडक़ों पर दौड़ते हुए अपना कहर बरपाना शुरू कर देते हैं। हालांकि आरटीए विभाग कभी-कभार कार्यवाही करके अपनी पीठ जरूर थपथपा लेता है, लेकिन आज तक इन पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग सका है।

हद तो तब हो गई, जब दलालों के इशारे पर चलने वाले इन डंपरों ने नो एंट्री में भी शहर में प्रवेश करना शुरू कर दिया। पुलिस कप्तान की होनहार सब इंस्पैक्टर ने कड़ी मशक्कत के बाद पिछले दो दिनों में 20 ओवरलोड वाहनों के चालान किए, लेकिन आरटीए की तरफ से अभी तक कोई बड़ी कार्यवाही नहीं की गई है।
सब इंस्पैक्टर की मानें तो जब उन्होंने डंपरों को रूकवाने की कोशिश की तो इनके दलाल आ खड़े हुए और उनकी दलालों के साथ झड़प भी हुई। साथ ही दलालों ने डंपरों को भागने का इशारा भी किया, लेकिन कार्यवाही होती देख दलाल वहां से रफू-चक्कर हो गए। उनका कहना है कि नो एंट्री में कोई ओवरलोड शहर की सडक़ों पर घुसने नहीं दिया जाएगा।

ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब दिनभर थाने के पास ऐसे वाहनों की कतारें लगती हैं तो फिर प्रशासन आखिर कार्यवाही क्यों नहीं कर रहा और आखिर इन्हें शहर में प्रवेश कौन करवा रहा है। मगर कुछ भी हो, इस मामले में प्रशासनिक मिलीभगत जरूर दिखाई पड़ती है।
अब देखना यह होगा कि आखिर प्रशासन इन यमदूतों को कब तक रोक पाता है या फिर ये इसी तरह शहर की सडक़ों पर कहर ढहाते रहेंगे।

error: Copy... Paste is not allowed...