क्या पण्डित शब्द जींद में करेगा राजकुमार सैनी का बेड़ापार

सत्यख़बर, जींद(सत्यदेव शर्मा)

सत्ता के सेमीफाइनल यानी जींद उपचुनाव को लेकर अभी सारी पार्टियां जोड़-तोड़ में लगी है तो वहीं लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने दौड़ लगाते हुए अपने उम्मीदवार की घोषणा भी कर दी। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने अपने राजनीतिक कैरियर के सबसे पहले उम्मीदवार के तौर पर विनोद आश्री को चुना है। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीपाल सैनी ने जींद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की।

सैनी की इस घोषणा ने जींद उपचुनाव में सबसे पहले शंखनाद कर दिया। जिसके बाद दूसरी पार्टियां भी आप जोर शोर से सक्रिय हो गई हैं। वहीं पार्टी के इस विश्वास पर विनोद आशरी भी जीत की गारंटी देते दिखाई दिए।
जींद उपचुनाव के लिए विनोद आशरी का चयन कर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने गैर जाट वोट बैंक के साथ साथ ब्राह्मण वोट बैंक को भी साधने का प्रयास किया है। राजकुमार सैनी विनोद आश्री के नाम पर हरियाणा के ब्राह्मणों को यह संदेश देना चाहते हैं कि उनकी पार्टी में ब्राह्मणों को विशेष तवज्जो दी जाएगी। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की यह सोच विनोद आशरी के नाम की घोषणा करते हुए साफ दिखाई दे रहा है। विनोद आशरी द्वारा पहले कभी अपने नाम के साथ पंडित शब्द नहीं लगाया जाता था लेकिन उनके नाम की घोषणा के मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पंडित शब्द पर विशेष जोर लगाया।
विनोद आशरी यूं तो  जींद शहर में एक अच्छी राजनीति की इमेज है।  पिछले कई योजनाओं से वे लगातार पार्षद बनते आए हैं ।जींद में नगर पालिका प्रधान रहे उपप्रधान रहे। लेकिन लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी उनके नाम के साथ पंडित सब जोड़कर ब्राह्मण वोट बैंक को साथ जोड़ने का प्रयास कर रही है। यह तो आने वाला वक्त बताएगा कि लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी की कि यह रणनीति कितनी काम आती है लेकिन इतना जरूर है विनोद आशरी को कोई भी पार्टी कमजोर कैंडिडेट मानकर नहीं चल सकती ।
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