फिर गूंजा महम कांड, अदालत ने इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला सहित सात लोगों को जारी किया नोटिस

सत्यखबर, रोहतक (दिनेश कौशिक) – हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला समेत सात लोगों को हत्या मामले कोर्ट में हाजिर होने का नोटिस जारी हुआ है। आरोपियों में हरियाणा के पूर्व डीजीपी शमशेर सिंह अहलावत, करनाल के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र , भिवानी के डीएसपी रहे सुखदेव राज राणा तथा गांव दरियापुर के भूपेंद्र उर्फ भूपी, हिसार के गांव दोलतपुर निवासी पप्पू और फतेहाबाद के गांव गिल्ला खेड़ा के अजित सिंह शामिल हैं। रोहतक अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फखरूद्दीन की अदालत ने नोटिस जारी किया है। जिसकी सुनवाई 5 सितम्बर को होगी।

माडल टाउन निवासी रामफल ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश फखरूद्दीन की अदालत में अर्जी दी थी। रामफल ने अर्जी में बताया कि 27 फरवरी 1990 को महम में हुए मतदान के बाद शाम करीब छह बजे अपने परिवार और महेंद्र पुत्र भगवाना नाम के एक मेहमान के साथ अपने घर में बैठे हुए थे। उस समय हत्या का शिकार हुआ याचिकाकर्ता का बड़ा भाई हरी सिंह भी वहां मौजूद था। तभी वहां पंचायती उम्मीदवार आनंद सिंह डांगी और उनके बड़े भाई धर्मपाल भी वहां पहुंचे और उन्होंने हरी सिंह से अगले दिन सुबह होने वाले पुनर्मतदान के लिए प्रचार में मदद करने की अपील की, जिसे हरी सिंह ने स्वीकार कर लिया और वह तुरंत ही उनके साथ चल दिया। अगले दिन सुबह आठ बजे खुद याचिकाकर्ता अपने भतीजे जोगेंद्र पुत्र हरी सिंह व गांव खरक जाटान निवासी महेंद्र पुत्र भगवाना के साथ गांव बैंसी के राजकीय कन्या हाई स्कूल के गेट पर पहुंचे, जहां पुनर्मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी। वहां उसे अपना बड़ा भाई हरी सिंह भी दिखाई दिया जो कि आनंद सिंह डांगी व धर्मपाल डांगी समेत काफी सारे लोगों के साथ स्कूल के गेट पर खड़ा था। तभी देखते ही देखते अचानक तीन चार गाडियां स्कूल के गेट पर पहुंची। वहां पहले से मौजूद धर्मपाल दांगी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। जिसपर अभय सिंह चौटाला ने अपने हथियार से धर्मपाल दांगी परफायर कर दिया , लेकिन निशाना चूकने की वजह से गोली निंदाना निवासी दलबीर को जा लगी और वहीं गिर गया। इसके बाद गाड़ी से उतरे अन्य लोगों ने भीड़ पर गोली चला दी और एक गोली उसके भाई हरी को जा लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोलीकांड में हरी सिंह के अलावा अन्य कई लोगों की भी मौत हुई थी।

मामले में पीड़ित पक्ष की पैरवी कर रहे एसएस सांगवान ने बताया कि 28 फरवरी 1990 में महम थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी, लेकिन पुलिस ने कोई कारवाई नहीं की। मामले पर सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायाधीश फखरूद्दीन की अदालत ने इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला, पूर्व डीजीपी शमशेर सिंह अहलावत , करनाल के पूर्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र , भिवानी के डीएसपी रहे सुखदेव राज राणा तथा गांव दरियापुर निवासी भूपेंद्र उर्फ भूपी , गांव दोलतपुर निवासी पप्पू और गांव गिल्ला खेड़ा निवासीअजित सिंह को नोटिस कर अदालत में पेश होने को कहा है, अब मामले की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सर्वजीत सिंह सांगवान ने बताया कि दस जुलाई को अतिरिक्त जिला एंव सत्र न्यायाधीश की अदालत में अर्जी दाखिल की थी, जिसपर आरोपियों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है। अधिवक्ता सर्वजीत सिंह ने बताया कि इससे पहले निचली अदालत में अर्जी दी गई थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। अब आरोपियों को अदालत ने पांच सितंबर को पेश होने को कहा है।

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