विधायक की सख्ती के बाद बीडीपीओ की माफी के साथ खत्म हुआ सरपंच और बीडीपीओ का मामला

सत्यख़बर, सफीदों :
बीडीपीओ व सरपंचो के बीच पनपे विवाद का वीरवार को पटाक्षेप हो गया। बीडीपीओ द्वारा खेद प्रकट करने के बाद सरपंच एसोसिएशन ने अपने वर्क सस्पैंड के निर्णय को वापिस ले लिया है। इस मामले में विधायक द्वारा अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद आखिर बीडीपीओ ने सरपंचों  से माफी मांगी और उन्हें काम में सहयोग देने की बात कही
सरपंचों का आरोप था कि बीडीपीओ द्वारा उनसे हर काम के बदले पैसे मांगे जाते हैं तथा घर का सामान तक मंगवाया जाता है। जिन सरपंचों द्वारा उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता उनके खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी जाती है। यहां तक कि सरपंचों को बीडीपीओ द्वारा एससीएसटी में मुकद्दमा दर्ज करवाने की बात भी कही जाती थी। बागडू खुर्द के सरपंच सुंदर सिंह के साथ बीडीपीओ द्वारा अभद्र व्यवहार किया गया। इस सब को लेकर सफीदों ब्लाक के सरपंचों ने बीडीपीओ के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अनिश्चितकाल के लिए वर्क सस्पैंड कर दिया था। इस मामले में विधायक जसबीर देशवाल ने भी दखल देते हुए सरपंचों के साथ बैठक करके उन्हे उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था। इसी बीच वीरवार को कुछ मौजिज लोगों व अधिकारियों ने मध्यस्था करते हुए ब्लाक समिति चेयरमैन कार्यालय में सफीदों खंड के सरंपचों की बैठक आयोजित करवाई। इस बैठक में सरपंच एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष सुरेंद्र राणा, ब्लाक समिति चेयरमैन राकेश शर्मा व सरपंच एसोसिएशन के हलका अध्यक्ष अजीतपाल सिंह च_ा तथा अधिकारियों की ओर से बीडीपीओ पूनम चंदा, एसडीओ कृष्ण पाटिल व सचिव समुंद्र सिंह विशेष रूप से मौजूद थे। बैठक में सरपंचों व अधिकारियों ने अपनी बात रखी। काफी देर चर्चा होने के बाद बीडीपीओ ने सरपंचों से सारे मामले के लिए खेद प्रकट किया। इसके बाद सरपंचों ने अपना वर्क सस्पैंड तो वापिस ले लिया लेकिन बीडीपीओं के तबादले की मांग जारी रखी। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अजीतपाल सिंह चट्ठा ने बताया कि सरपंचों व अधिकारियों के बीच आपसी खिंचतान अच्छी नहीं होती है, इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। सरपंचों ने अपने आत्मसम्मान की रक्षा करते हुए जनहित को ध्यान में रखकर वर्क संस्पैड के फैसले का वापिस ले लिया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान बीडीपीओ के साथ अब सरपंच काम करना नहीं चाहते है। गांवों में निरंतर विकास हो व अधिकारियों के साथ सद्भावनापूर्वक माहौल रहे, इसके लिए बीडीपीओ का तबादला आवश्यक है। उन्होंने विधायक जसबीर देशवाल के माध्यम से सरकार को उनके तबादले की मांग की गई है। उधर बीडीपीओ पूनम चंदा ने कहा कि सरपंचों में कुुछ गलतफहमियां हो गई थी। बैठक में विस्तार से हुई बातचीत के दौरान वो सारी गलतफहमियां दूर हो गई है। सभी को साथ लेकर गांवों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
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