शौक को बनाया सपना और ‘सोने’ पर लगाया निशाना! जानिए गोल्ड मेडलिस्ट ‘तीरंदाज’ हरविंदर सिंह की कहानी

सत्यखबर कैथल (विपिन शर्मा) – गुहला क्षेत्र के गांव अजीत नगर के हरविंदर सिंह का तीरंदाजी में सफर लगभग छ वर्ष पूर्व शुरू हुआ था हरविंदर सिंह ने पंजाबी यूनिवर्सिटी से बीएससी इकोनामिक्स, पीजीडीसी एमए इकोनॉमिक्स की। टीवी पर 2012 ओलंपिक खेल देखते समय नजर तीरंदाजी पर पड़ी तो खेलने की भावना उमड़ पड़ी। अगले ही दिन यूनिवर्सिटी जाकर कोच से बात कर प्रैक्टिस शुरू की। हलाकि उसका नेशनल में चयन न होने से एक बार खेल को अलविदा भी कर दिया था।

लेकिन कोच दुवारा मनोबल बढ़ाने के बाद दूसरे सफर की शुरुवात की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीतकर हलके का नाम पूरे विश्व में रोशन किया है। हरविंद्र सिंह ने गोल्ड जीतकर देश के साथ-साथ अपने प्रदेश, जिला, हलका व अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है। हरविंद्र सिंह की यह जीत हलके के युवाओं लिए एक प्रेरणा है।

बचपन ने हरविंदर सिंह का पैर पोलियोग्रस्त हो गया था और बेटे का पैर पोलियोग्रस्त होता देखकर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाने का ख्वाब टूट गया, लेकिन कैथल के अजीत नगर निवासी परमजीत सिंह और हरभजन कौर ने हार नहीं मानी और अपने बेटे हरविंदर सिंह की पढ़ाई पर फोकस किया। हरविंदर सिंह ने पंजाबी यूनिवर्सिटी से बीएससी इकोनामिक्स, पीजीडीसी एमए इकोनॉमिक्स की।

हरविंदर ने बताया कि इस गोल्ड को अपनी स्वर्गीय मां को समर्पित करते है. उन्होंने बताया कि उनकी मां का देहांत एक महीने पहले ही हुआ है।

10 अक्टूबर बुधवार को हरियाणा के तीरंदाज हरविंदर सिंह ने पैरा खेलों में पुरुष व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। साथ ही हरविंदर ने ट्रैक और फील्ड में एक सिल्वर और एक ब्रांज मेडल जीता।

error: Copy... Paste is not allowed...