राजकीय स्कूल ढाठरथ के बच्चों ने पराली न जलाने के लिए निकाली रैली – वशिष्ठ

सत्यखबर, पिल्लूखेड़ा (संजय जिन्दल) – कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के द्वारा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ढाठरथ के विद्यार्थियों, स्टाफ सदस्यों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों ने फसल अवशेष प्रबंधन हेतु जागरूकता रैली निकाली। रैली को विद्यालय के प्राचार्य रामनिवास वशिष्ठ व खंड कृषि अधिकारी डा. सुभाष चंद्र ने झंडी दिखाकर रवाना किया। विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए डा. जगमहेंद्र ने पराली जलाने से निकलने वाली जहरीली गैंसों से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से वायु प्रदूषित होती है व सांस की बीमारी लगती है। प्राचार्य रामनिवास वशिष्ठ ने विद्यार्थियों को सलाह दी की वे अपने परिजनों को समझाएं व पराली जलाने से रोके।

कृषि अधिकारी डा. सुभाष चंद्र ने कहा कि एक टन पराली जलाने से 5.5 किलोग्राम नाईट्रोजन, 12 किलोग्राम सल्फर, 2.3 किलोग्राम पोटाश व 400 किलोग्राम जैविक कार्बन जलकर नष्ट हो जाति है। इसके अलावा जमीन में मौजूद लाभकारी जीवाणु भी मर जाते हैं। जिससे जमीन की उपजाऊ शक्ति नष्ट हो जाती है व फसल उत्पादन घट जाता है। उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन हेतु किसान कृषि विभाग की कस्टम हायरिंग सैंटर योजना का लाभ उठाएं। किसान सैंटर से एस.एम.एस लगी कम्बाईन, हैप्पी सीडर आदि मशीन किराये पर लेकर प्रयोग करे व पराली को मिट्टी में मिला दे। विद्यार्थियों ने गांव की गलियों में रैली के माध्यम से पराली न जलाने का संदेश दिया। उसके उपरात गांव के सचिवालय में फसल अवशेष प्रबंधन हेतु जागरूकता शिविर आयोजित किया गया शिविर में धान की पराली क उचित प्रबंधन की जानकारी दी गई। पराली जलाने पर पर्यावरण कानून के तहत होने वाले जुर्माने व सजा की भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मंजीत सिंह, मुकेंद्र सिंह, रोशन लाल, पवन शर्मा, देवेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, शकुंतला देवी, सुषमा देवी, सुभाश्सा चंद्र, राजेश खटकड़ व किसान ईश्वर अत्री, सतपाल, रामकुमार, कर्मबीर, व पिंका आदि किसानों ने भाग लिया।

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